वेब-रिव्यू : इंसानी मन के अंधेरों को दिखाती ‘असुर’
-दीपक दुआ... (This review is featured in IMDb Critics Reviews)आज की दिल्ली में एक सीरियल किलर का आतंक है। वह...
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Read more-दीपक दुआ... (This review is featured in IMDb Critics Reviews) अमृता और विक्रम खुशहाल हैं। विक्रम अपनी नौकरी में तेज़ी से...
Read more-दीपक दुआ... ‘क्या नंदू, हॉस्पिटल के सामने खड़े हो के फू-फू कर रहा है?’‘बीवी बीमार है, अंदर है।’‘क्या हुआ भाभी...
Read more-दीपक दुआ... (This review is featured in IMDb Critics Reviews) ‘शुभ मंगल ज़्यादा सावधान’ का एक सीन देखिए। बंद कमरे...
Read more-दीपक दुआ... (This review is featured in IMDb Critics Reviews) मुंबई के जुहू बीच पर जाने कहां से एक पुराना...
Read more-दीपक दुआ... (This review is featured in IMDb Critics Reviews) इस फिल्म के लेखक-निर्देशक इम्तियाज़ अली खुद यह बात मान चुके...
Read more-दीपक दुआ... (This review is featured in IMDb Critics Reviews)राजस्थान के लोकप्रिय कथाकार विजयदान देथा यानी ‘बिज्जी’ की कहानियों को...
Read more-दीपक दुआ... (This review is featured in IMDb Critics Reviews) 1990-कश्मीर से भागने पर मजबूर हुए कश्मीरी पंडितों में से किसी...
Read more-दीपक दुआ... (This review is featured in IMDb Critics Reviews)आमतौर पर ‘मलंग’ अपनी धुन में मस्त रहने वाले लोगों को...
Read more-दीपक दुआ... (This review is featured in IMDb Critics Reviews) 15 साल की मलाला अपने पिता से पूछती है-‘तालिबान की...
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