Wednesday, 18 October 2017

रिव्यू-सपनों का दंगल है ‘सीक्रेट सुपरस्टार’

-दीपक दुआ...
गुजरात का वडोदरा शहर। एक आम मध्यवर्गीय मुस्लिम परिवार की 15 साल की लड़की इंसिया (ज़ायरा वसीम) गाती है, चाहती है, सपने देखती है कि पूरी दुनिया उसकी आवाज सुने। मगर कैसे? मां उसके सपनों का साथ देती है लेकिन तंगदिल बाप नहीं। इंसिया को पता है कि उसकी मंज़िल कहां है लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए उसे कौन-सी ट्रेन पकड़नी है, वह नहीं जानती। एक दिन वह अपनी मां की सलाह पर रास्ता बदलती और बुर्का पहन कर, दुनिया से छुप कर गाने लगती है। उसकी शोहरत आसमान छूने लगती है लेकिन जमीन पर अपने सपने सच करने का दंगल उसे अभी भी लड़ना है।

फिल्म पहले ही सीन से जता-बता देती है कि यह आपको एक कहानीदिखाने जा रही है। एक ऐसी कहानी जिसमें मासूम सपने हैं, उन सपनों को सच करने की कोशिशें हैं, कुछ पा लेने की खुशियां हैं, कुछ खो देने का गम है। ऐसा नहीं है कि घर या बाहर से प्रताड़ित होने के बावजूद अपने सपनों को सच करने में जुटे लोगों की ऐसी कहानियां हिन्दी फिल्मों में पहले न कही गई हों या यह फिल्म कुछ अनोखा, अनदेखा कह रही हो। इस फिल्म की खासियत यह है कि यह इंसिया की कहानी को बिना किसी लाग-लपेट, मसालों और मेलोड्रामा के दिखाती है। इसके किरदार हद दर्जे के विश्वसनीय है। इंसिया की मां उसके प्रति जरूरत से ज्यादा नर्म है, बाप जरूरत से ज्यादा सख्त और ऐसे मां-बाप इसी समाज में बहुतायत से पाए जाते हैं। क्लास में उसके साथ पढ़ने, उसे चाहने और उसके लिए कुछ भी कर जाने वाले चिरंतन (तीर्थ शर्मा) जैसे दोस्त भी हमारे आसपास खूब मिलते हैं। इन किरदारों के लिए चुने गए कलाकार अपने किरदारों में जिस तरह से समाए नजर आते हैं, वे सब तालियां पाने के हकदार हो जाते हैं। इंसिया की मां बनीं मेहर विज हों या पिता बने राज अर्जुन, दोस्त तीर्थ शर्मा या फिर जरा-सी देर के लिए आईं वकील मोना अंबेगांवकर या कोई भी कलाकार, हर कोई बस अपने किरदार को जीता दिखाई देता है। ज़ायरा वसीम ने जिस तरह से एक 15 साल की लड़की के किरदार को समझा और समझाया है, वह अवार्ड पाने लायक हैं। कहानी की पृष्ठभूमि में वडोदरा जैसे शहर को रखा जाना भी इसे वास्तविक बनाता है। फिल्म में ऐसे बहुतेरे सीन हैं जो दिल को छूते हैं, आंखों को नम करते हैं और लेखक-निर्देशक अद्वैत चंदन की काबिलियत की गवाही देते हैं। इस फिल्म के लिए अद्वैत बधाई के साथ-साथ सलामी के हकदार भी हैं।

फिल्म के सरप्राइज यानी आमिर खान की बात तो रह ही गई। कभी गुस्सैल, कभी छिछोरे तो कभी फनी किस्म के म्यूजिक डायरेक्टर शक्ति कुमार के रोल में वह पर्दे पर आते ही रौनक लगा देते हैं। मन करता है कि वह और ज्यादा देर पर्दे पर रहें लेकिन अगर ऐसा होता तो शायद वह फिल्म के लिए सही न होता। कौसर मुनीर के लिखे गाने और अमित त्रिवेदी का संगीत फिल्म को संबल देता है। हालांकि यह और गहरा होना चाहिए था। इंसिया की आवाज बनीं गायिका मेघना मिश्रा का काम जबर्दस्त है।

कुछ एक जगह सिनेमाई छूट लेती, कुछ देर के लिए लचकती और अंत में  थोड़ी फिल्मीहोती इस फिल्म को देखा जाना चाहिए... अपनों के साथ, अपने सपनों के साथ, क्योंकि सपने देखना तो बेसिक होता है न!

अपनी रेटिंग-चार स्टार
(दीपक दुआ फिल्म समीक्षक व पत्रकार हैं। 1993 से फिल्म-पत्रकारिता में सक्रिय। मिजाज से घुमक्कड़। अपनी वेबसाइट सिनेयात्रा डॉट कॉम (www.cineyatra.com) के अलावा विभिन्न समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, न्यूज पोर्टल आदि के लिए नियमित लिखने वाले दीपक रेडियो व टी.वी. से भी जुड़े हुए हैं।)

Tuesday, 17 October 2017

दिवाली की बाज़ी किसके हाथ...!


-दीपक दुआ...
दिवाली वाला हफ्ता हो और बड़ी फिल्में आकर एक-दूजे को चुनौती दें तो कुछ सूना-सूना, सूखा-सूखा सा लगने लगता है। हर साल दिवाली के मौके पर दो-तीन बड़ी फिल्में एक-दूसरे को टक्कर देती हैं। इस साल रोहित शैट्टी की गोलमाल अगेनऔर आमिर खान के बैनर से रही सीक्रेट सुपरस्टारदिवाली पर आमने-सामने होंगी।
दिवाली यानी हॉट-स्पॉट
साल भर में ईद, दिवाली, क्रिसमस, 15 अगस्त जैसे चंद ही मौके होते हैं जब एक साथ दो-तीन बड़ी फिल्में आकर एक-दूसरे को टक्कर देने का दम रखती हैं। दरअसल दिवाली का मौका ऐसा होता है जब हर कोई सेलिब्रेशन के मूड में होता है और लगभग हर किसी के पास मौज-मजे पर खर्चने के लिए पैसा भी होता है। यही कारण है कि अक्सर दीवाली पर आने वाली कोई कमजोर फिल्म भी अपनी हैसियत से ज्यादा कमाई कर जाती है।
गोलमालकरेगी धमाल?
रोहित शैट्टी के डायरेक्शन में आने वाली गोलमालसीरिज की फिल्मों ने हर बार बॉक्स-ऑफिस पर अपना लोहा मनवाया है। इस सीरिज की पहली फिल्म गोलमाल-फन अनलिमिटेडजुलाई 2006 में आई थी। करीब 11 करोड़ रुपए में बनी इस फिल्म ने लगभग 70 करोड़ का बिजनेस किया था। फिर 2008 में दिवाली पर आई गोलमाल रिट्न्र्सने अपनी 24 करोड़ की लागत के मुकाबले लगभग 108 करोड़ की कलैक्शन की थी। इस सीरिज की तीसरी फिल्म गोलमाल 3भी 2010 में दीवाली के मौके पर आई थी। लगभग 40 करोड़ में बनी इस फिल्म ने 160 करोड़ का कारोबार किया था। यह फिल्म हालांकि पहले की दोनों फिल्मों के मुकाबले हल्की थी लेकिन इसकी कामयाबी के बाद यह तय-सा हो गया था कि रोहित इस श्रृंखला की अगली फिल्में अब दिवाली पर ही लाया करेंगे। और अब रोहित गोलमाल अगेनला रहे हैं जिसकी लागत तकरीबन 70 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इस फिल्म का ट्रेलर बताता है कि इस बार काॅमेडी में हाॅरर का टच भी दिया गया है। हालांकि इस ट्रेलर से दर्शक काफी निराश दिख रहे हैं और फिल्मी पंडितों का भी कहना है कि यह फिल्म ज्यादा बड़ा धमाका नहीं कर पाएगी। लेकिन दिवाली का मौका हो और सामने बिना दिमाग लगाए हल्का-फुल्का मनोरंजन मिल जाए तो आमतौर पर वह सफलता पा ही लेता है। बहुत जल्द पता चल जाएगा कि यह गोलमालकितना बड़ा धमाल करेगी।
सीक्रेटबनेगी सुपरस्टार
आमिर खान के बैनर से कोई फिल्म रही हो तो उसका चर्चा में आना और छा जाना स्वाभाविक-सा हो जाता है। हालांकि इस फिल्म में खुद आमिर भी हैं और एक बहुत ही अलग फनी किस्म के रोल में हैं लेकिन यह भी सच है कि वह इस फिल्म में ज्यादा नजर नहीं आएंगे। दरअसल यह एक ऐसी मुस्लिम लड़की की कहानी है जो संगीत की दुनिया में छा जाना चाहती है लेकिन उसके अब्बू ऐसा नहीं होने देते तो वह बुर्का पहन कर दुनिया के सामने आती है और बन जाती है एक सीक्रेट सुपरस्टार इस फिल्म में दिवाली पर आने वाली ज्यादातर फिल्मों की तरह कॉमेडी या रोमांस के मसालों की बजाय म्यूजिक और मैसेज होगा और मुमकिन है कि यह अनोखी बात ही इस फिल्म को हिट बना दे। इसे आमिर खान के मैनेजर अद्वैत चंदन ने लिखा और निर्देशित किया है। आमिर की इस फिल्म के प्रति दर्शकों में उत्सुकता है और लग रहा है कि यह बॉक्स-ऑफिस को जीत ही लेगी।
डंगर डॉक्टरका क्या होगा?
इस बार दिवाली 19 अक्टूबर, गुरुवार को है और सीक्रेट सुपरस्टारउसी दिन आएगी जबकि गोलमाल अगेनएक दिन बाद 20 अक्टूबर को रिलीज होगी। ये दोनों ही फिल्में अपने-अपने पत्ते चल रही हैं। गोलमाल अगेनकी एडवांस बुकिंग एक महीना पहले खुल चुकी है जो अपने-आप में अनोखी बात है। उधर एक पंजाबी फिल्म डंगर डॉक्टर जैलीइस बीच तेजी से हवा बना रही है। पंजाबी के नामी गायक-अभिनेता रविंदर ग्रेवाल की इस फिल्म के जबर्दस्त कॉमेडी से भरपूर ट्रेलर को देखने के बाद यहां तक कहा जा रहा है कि कम से कम पंजाब में तो यह फिल्म रोहित और आमिर की फिल्मों पर भी भारी पड़ सकती है। असल में क्या होगा, जल्द सामने जाएगा।

(दीपक दुआ फिल्म समीक्षक व पत्रकार हैं। 1993 से फिल्म-पत्रकारिता में सक्रिय। मिजाज से घुमक्कड़। अपनी वेबसाइट सिनेयात्रा डॉट कॉम (www.cineyatra.com) के अलावा विभिन्न समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, न्यूज पोर्टल आदि के लिए नियमित लिखने वाले दीपक रेडियो व टी.वी. से भी जुड़े हुए हैं।)