Saturday, 15 February 2020

रिव्यू-उलझ कर रह गया है ‘लव आज कल’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
इस फिल्म के लेखक-निर्देशक इम्तियाज़ अली खुद यह बात मान चुके हैं कि इसे बनाने का आइडिया उन्हें दोस्तों की एक बैठक में आया कि 2009 में आई उनकी फिल्म लव आज कलके किरदार अगर आज के समय में होते तो कैसे बर्ताव करते। आगे की कहानी यह है कि दोस्तों की उस बैठक में एक तो होंगे निर्माता दिनेश विजन जिन्होंने पिछली वाली लव आज कलसे खूब नोट छापे थे सो इस फिल्म पर पैसा लगाने से नहीं हिचके होंगे। दूसरे होंगे सैफ अली खान जिन्होंने कहा होगा-यार, मेरी बेटी को ले ले इस बार। वो बेचारी भी कोई कायदे की फिल्म कर लेगी जिसे देख कर लोग कहेंगे-वाओ...! पर क्या ऐसा हो पाया?

Monday, 10 February 2020

रिव्यू-बिज्जी की कहानी पर बनी ‘कांचली’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
राजस्थान के लोकप्रिय कथाकार विजयदान देथा यानी बिज्जीकी कहानियों को सिनेमा ने गाहे-बगाहे अपनाया है। बड़ा नाम शाहरुख खान वाली फिल्म पहेलीका रहा है जो पहले दुविधाके रूप में सामने आई थी। निर्देशक दैदीप्य जोशी की यह फिल्म भी बिज्जी की कहानी केंचुलीपर आधारित है जो पुरुष सत्तात्मक समाज में एक युवती के अपने केंचुल का बोझ उतार फेंकने को बारीकी से दिखाती है।

Sunday, 9 February 2020

रिव्यू-कुछ ‘कहने’ से बचती ‘शिकारा’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
1990-कश्मीर से भागने पर मजबूर हुए कश्मीरी पंडितों में से किसी एक ने कहा-देखना पार्लियामैंट में खूब शोर मचेगा और हम लोग हफ्ते-दस दिन में अपने कश्मीर वापस चलेंगे। मगर अफसोस, ऐसा कुछ नहीं हुआ।

2020-कश्मीरी पंडितों की बात कहती एक फिल्म आती है। इन लोगों को उम्मीद जगती है कि यह हमारी दुर्दशा दिखाएगी, हमारे हक की तीस साल लंबी लड़ाई में हथियार बन कर हमारा साथ देगी। मगर अफसोस, ऐसा कुछ नहीं हुआ।

Friday, 7 February 2020

रिव्यू-रंगीनियों के अंधेरे में गुम ‘मलंग

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
आमतौर पर मलंगअपनी धुन में मस्त रहने वाले लोगों को कहा जाता है। यह कहानी भी ऐसे ही कुछ लोगों की है जो अपने-आप में मस्त हैं। लेकिन एक जगह आकर इनकी राहें टकरा जाती हैं और तब शुरू होता है एक खूनी खेल। जेल से छूटा अद्वैत (आदित्य रॉय कपूर) 24 दिसंबर की रात को एक-एक करके कुछ पुलिस अफसरों को मार रहा है। क्यों...? ज़ाहिर है इसका कारण उसके अतीत में है। उसकी प्रेमिका सारा (दिशा पाटनी) बार-बार उसे याद आती है। क्यों...? पुलिस इंस्पैक्टर माइकल (माइकल) और अगाशे (अनिल कपूर) उसे रोकने में लगे हैं। अचानक वह सैरेंडर कर देता है। क्यों...?

Saturday, 1 February 2020

रिव्यू-तालीम और तालिबान के बीच अटकी ‘गुल मकई’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
15 साल की मलाला अपने पिता से पूछती है-तालिबान की आखिर स्कूल से क्या दुश्मनी है?’ जवाब मिलता है-क्योंकि जो शिक्षित होते हैं, उन्हें फिर जिहाद या गलत हदीस (सीख) की तरफ ले जाना नामुमकिन होता है।