Thursday, 21 March 2019

रिव्यू-निश्चय कर जीतने की कहानी कहती ‘केसरी’

-दीपक दुआ...  (Featured in IMDb Critic Reviews)
सारागढ़ी के किले में जब ब्रिटिश फौज के 21 सिक्ख सिपाहियों को दस हज़ार से ज़्यादा अफगान कबायलियों ने घेर लिया तो उन्होंने झुकने या भागने की बजाय लड़ने का रास्ता चुना। लड़े भी तो, अंग्रेज़ी फौज के लिए, किले के लिए, अपने लिए बल्कि दुनिया को यह बताने के लिए कि हम भले ही गुलाम जिए लेकिन मरे तो आज़ाद मरे, अपनी मर्ज़ी से मरे, वीरों की मौत मरे।

रिव्यू-यह मर्द सर्द है, इसे दर्द नहीं होता

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critic Reviews)
बरसों पहले मर्दफिल्म में दारा सिंह ने अपने दुधमुंहे बच्चे की छाती पर चाकू की नोक से मर्द को दर्द नहीं होताउकेर दिया था। ज़रा सोचिए कि अगर किसी को सचमुच दर्द हो तो...? इस फिल्म मर्द को दर्द नहीं होताका हीरो सूर्या ऐसा ही है। बचपन से ही उसे यह अजीब-सी बीमारीहै कि उसे दर्द, चुभन, खुजली जैसा कुछ भी महसूस नहीं होता (हां, बड़े होकर कुछऔर ज़रूर महसूस होता है) कुंगफू-कराटे वाली और बॉलीवुड की घिसी-पिटी एक्शन फिल्में देख कर वह बड़ा होता है और इन फिल्मों के नायकों की तरह समाज में फैले हुए पाप को जला कर राख कर देना चाहता है।

Wednesday, 20 March 2019

‘केसरी’ फिल्म का ‘चल झूठा’ यानी राकेश चतुर्वेदी

-दीपक दुआ...
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से अभिनय का पाठ पढ़ कर मुंबई पहुंचे अभिनेता राकेश चतुर्वेदी रंगमंच पर काम करने के अलावा बतौर निर्देशक दो फिल्में-बोलो रामऔर भल्ला एट हल्ला डॉट कॉम’ बना चुके हैं। साथ ही साथ वह बड़े पर्दे पर बतौर अभिनेता भी सक्रिय रहते हैं। पिछले साल वह अक्षय कुमार की पैडमैनमें उस प्रोफेसर के किरदार में आए थे जिनके घर में अक्षय काम करते हैं। अब राकेश अक्षय के साथ केसरीमें रहे हैं। उनसे हुई बातचीत-
-‘केसरीऔर इसमें अपने रोल के बारे में बताएं?
-यह सारागढ़ी की उस लड़ाई की कहानी है जिसमें ब्रिटिश सेना की सिक्ख रेजिमेंट की एक बटालियन के सिर्फ 21 सिपाहियों ने दस हजार अफगानी कबायलियों से टक्कर ली थी और उन्हें धूल चटा दी थी। अक्षय कुमार इस फिल्म में हवलदार ईशर सिंह के रोल में हैं और मेरा रोल एक अफगानी मौलवी का है जो इस सारे घटनाक्रम का एक बहुत ही अहम किरदार है। यह किरदार इतिहास में भी था जिसे डायरेक्टर अनुराग सिंह ने बहुत ही खूबसूरती के साथ फिल्म में दिखाया है। इस समय इससे ज्यादा कुछ कहना सही नहीं होगा। आप इस फिल्म के ट्रेलर में भी मुझे देख सकते हैं जब मेरे एक संवाद पर अक्षय सर मुझे चल झूठाकहते हैं।

Tuesday, 19 March 2019

अगर एक साथ तीन-तीन ‘केसरी’ आतीं तो...?

-दीपक दुआ...
जी हां, सच यही है कि अगर सब कुछ ठीक-ठाकरहता तो केसरीनाम की जिस फिल्म में आज हम अक्षय कुमार को देख रहे हैं उसमें या तो हमें रणदीप हुड्डा नज़र आते या अजय देवगन या फिर ऐसी तीन फिल्मों में ये तीनों। भले ही उन फिल्मों का नाम केसरीनहीं होता लेकिन वो फिल्में भी उसी सारागढ़ी की लड़ाई पर बननी शुरू हुई थीं जिस पर अब केसरीबन कर सामने आई है। साल 2016 में इसे लेकर फिल्म इंडस्ट्री में एक छोटी-मोटी जंग शुरू हो गई थी।