-दीपक दुआ… (This review is featured in IMDb Critics Reviews)
एक छोटे-से शहर में एक अधेड़ दंपती हैं-अकेले, शांत। हर थर्सडे यानी गुरुवार का इन दोनों को इंतज़ार रहता है जब पत्नी मुंह अंधेरे उठ जाती हैं ताकि अपने पति के ऑफिस के सहभोज के लिए कोई खास डिश बना सकें। लेकिन पतिदेव पर तो उस दिन कोई और ही धुन सवार रहती है।
अधेड़ उम्र में रिश्तों के बदलते समीकरणों पर बुनी जाने वाली कहानियां अक्सर दिल को छूती हैं। ‘वन्स अगेन’ या ‘थ्री ऑफ अस’ जैसी फिल्मों को इसीलिए सराहनाएं मिली हैं। इस शॉर्ट फिल्म ‘थर्सडे स्पेशल’ (Thursday Special) में इरफान वाली ‘लंच बॉक्स’ सरीखी महक मिल सकती है। लेकिन यह उससे काफी अलग भी है। वरुण टंडन की लिखी इस कहानी में राम और शकुंतला के अकेलेपन की वजह, दोनों का एक-दूसरे के प्रति लगाव और एक-दूजे को खुश रखने के प्रयासों का यथार्थ चित्रण इसे गहराई देता है। संवाद कम हैं लेकिन जो हैं, वे प्रभावी हैं।
बतौर निर्देशक भी वरुण टंडन इस कहानी को परिपक्व तरीके से संभालते हैं। शुरुआत में ही वह न सिर्फ किरदारों की विशेषताओं को बल्कि उनकी अतीत को भी स्पष्ट कर देते हैं। पति की हरकतें दर्शकों को हैरान करती हैं लेकिन जब अंत में पन्ने खुलते हैं तो इन दोनों के आपसी जुड़ाव का सच सामने आकर आपको संतुष्ट करता है। लोकेशन, किरदार, कैमरा और एडिटिंग मिल कर ‘थर्सडे स्पेशल’ (Thursday Special) फिल्म को प्रभावी बनाते हैं। देश-विदेश के विभिन्न फिल्म फेस्टिवल्स में यह फिल्म ढेरों अवार्ड जीत चुकी है। यही कारण है कि शुजित सरकार और विक्रमादित्य मोटवानी जैसे निर्माताओं ने इस फिल्म को प्रस्तुत किया है।
रमाकांत दायमा और अनुभा फतेहपुरिया का अभिनय इस कदर वास्तविक है कि लगता ही नहीं कि आप कोई फिल्म देख रहे हैं। यू-ट्यूब पर रिलीज़ हुई 26 मिनट की ‘थर्सडे स्पेशल’ (Thursday Special) आपको छू पाने में कामयाब रहती है। आप चाहे किसी भी उम्र के हों, इसे देखते हुए आप खुद को इन किरदारों से जोड़ पाते हैं, उनके रिश्तों की महक महसूस कर पाते हैं, यह इसकी सफलता है।
(इस फिल्म को यू-ट्यूब पर देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।)
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Release Date-29 January, 2026 on YouTube
(दीपक दुआ राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्म समीक्षक हैं। 1993 से फिल्म–पत्रकारिता में सक्रिय। ‘सिनेयात्रा डॉट कॉम’ (www.cineyatra.com) के साथ–साथ विभिन्न समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, वेब–पोर्टल, रेडियो, टी.वी. आदि पर सक्रिय दीपक ‘फिल्म क्रिटिक्स गिल्ड’ के सदस्य भी हैं।)
Thank you Deepak ji for bringing this movie in our notice and in such a fast moving busy world. After we met, I have started watching movies from a different perspective….to learn and understand many topics that remained untouched for years.
thanks…
बिल्कुल, 26 मिनट तो दे ही सकते हैं, आपकी सलाह को।
बधाई एक तटस्थ review के लिए।
धन्यवाद…