Thursday, 27 February 2020

रिव्यू-मर्दानगी पर पड़ा ‘थप्पड़’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
अमृता और विक्रम खुशहाल हैं। विक्रम अपनी नौकरी में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। लंदन वाले ऑफिस का ज़िम्मा उसे मिलने वाला है। अमृता सुबह की चाय से लेकर उसकी हर सुख-सुविधा का ख्याल रखती है। वह आदेश देता है और अमृता खुशी-खुशी उसे फर्ज़ समझ कर मानती जाती है। कहीं, कोई दिक्कत नहीं। लेकिन एक पार्टी में अपने सीनियर से झगड़ते हुए विक्रम उसे खींच रही अमृता पर हाथ उठा बैठता है। सिर्फ एक थप्पड़। लेकिन नहीं मार सकता।अमृता अपनी वकील से कहती है।

Sunday, 23 February 2020

मिलिए हॉस्पिटल के सामने फू-फू करते नंदू से

-दीपक दुआ...
क्या नंदू, हॉस्पिटल के सामने खड़े हो के फू-फू कर रहा है?’
बीवी बीमार है, अंदर है।
क्या हुआ भाभी को?’
वही औरतों वाली बीमारी।

पिछले साल-डेढ़ साल में यदि आपने किसी थिएटर में जाकर कोई फिल्म देखी है तो फिल्म से पहले आने वाले इस विज्ञापन को जरूर देखा होगा जिसमें अक्षय कुमार अपने दोस्त नंदू को सैनिटरी पैड के महत्व के बारे में समझाते हैं। हर बार यह विज्ञापन देख कर कभी मन में यह ख्याल भी आता है कि यह नंदू आखिर है कौन जिसे अक्षय कुमार जैसे नामी सितारे के साथ यह विज्ञापन करने का मौका मिला और जिसमें वह एकदम सहज और विश्वसनीय अभिनय भी कर रहा है। बहुत खोजबीन के बाद हम पहुंचे इस नंदू तक और पता चला कि इन महाशय का नाम अजय सिंह पाल है। ग्वालियर में जन्मे और भोपाल में पले-बढ़े अजय कुछ एक फिल्मों के अलावा कई टी.वी. धारावाहिकों में भी काम कर चुके हैं। फिलहाल अजय भोपाल में रहते हैं और एक बिजनेस चलाने के अलावा स्थानीय थिएटर पर भी लगातार सक्रिय हैं। आइए आपको उनसे मिलवाते हैं।

Saturday, 22 February 2020

रिव्यू-शुभ मंगल ज़्यादा मज़ेदार

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
बंद कमरे में अमन अपने माता-पिता को बताता है कि वह गे’ (समलैंगिक) है और कार्तिक से प्यार करता है। मां कहती है-तू चिंता मत कर, हम तेरा इलाज करवाएंगे और तू बिल्कुल ठीक हो जाएगा।अमन कहता है-वाह मम्मी, आपका ऑक्सीटोसिन प्यार और मेरा बीमारी...!

यही तो होता है हमारे समाज में कि जिस किसी ने भी समाज की रिवायतों के बंधे-बंधाए ढर्रे से हट कर चलना चाहा उसे बीमारमान लिया गया जबकि सच यह है कि इंसान समलैंगिक बनता नहीं है, होता है। ठीक वैसे, जैसे यह फिल्म कहती है कि अमिताभ बच्चन बना नहीं जाता, वो तो होता है।

Friday, 21 February 2020

रिव्यू-डराने में कामयाब है यह ‘भूत’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
मुंबई के जुहू बीच पर जाने कहां से एक पुराना जहाज फंसा है। जहाज पर कोई नहीं है। शिपिंग कॉरपोरेशन के अफसर को जहाज की जांच में अहसास होता है कि यहां अजीबोगरीब हरकतें होती हैं। उसे लगता है कि यहां कोई है। कौन...? कोई भूत या फिर...! क्या यह हकीकत है या सिर्फ उसका वहम क्योंकि खुद उसे भी तो अक्सर अपनी मरी हुई बीवी और बेटी दिखाई देती रहती हैं। कैसे मुक्ति दिलाएगा वह इस भूतको और इस जहाज को? और क्या इसी में ही छुपी है खुद उसकी भी मुक्ति?

Monday, 17 February 2020

पुस्तक समीक्षा-हमारे बीच के नायकों की कहानियां

-दीपक दुआ...
नायक सिर्फ सिनेमा, खेल और राजनीति में ही नहीं होते। हमारे-आपके बीच में भी ऐसे ढेरों लोग मौजूद हैं जिन्होंने किसी किसी तरह से समाज को बदलने, बेहतर बनाने में महती भूमिका निभाई है, निभा रहे हैं। ऐसे ही 32 लोगों के सफलता पाने की प्रेरणादायक कहानियां हैं इस किताब हीरोज़ एमन्गस्ट अस  में जिसे लिखा है ब्लॉगर्स एलायंसके डॉ. अमित नागपाल ने। इन लोगों में भिक्खु संघसेना हैं जिन्होंने भारतीय सेना छोड़ कर बौद्ध भिक्षु बनने की राह पकड़ी और जब लौट कर लद्दाख गए तो वहां विकास की सुस्त रफ्तार देख कर अपने जन्मक्षेत्र को सुधारने में लग गए।