Sunday, 11 March 2018

रिव्यू-‘हेट स्टोरी’... आंखें सेंक लो थोड़ी


-दीपक दुआ...
जब खुद (महेश, मुकेश, विक्रम) भट्टों के भट्ठे से एक ही तरह की घिसी-पिटी, कच्ची-पक्की ईंटों जैसी फिल्में रही हों तो उनके चेले विशाल पंड्या से ज्यादा बड़ी उम्मीदें भला क्यों लगाई जाएं? वैसे भी हेट स्टोरीसीरिज़ की फिल्मों का तय फाॅर्मूला है-किसी की हेट वाली स्टोरी में किसी की हाॅट वाली बाॅडी का खुल्लम-खुल्ला दर्शन। दर्शक भी इनके तय ही हैं जो बिना हमारी-आपकी तरह चूं-चां किए इन फिल्मों को पचा लेते हैं। हां, अभी तक की फिल्मों में थोड़ी कायदे की कहानी और सलीके के एक्टर हुआ करते थे, इस बार ये सब नहीं है तो क्या हुआ। एक बार दुकान चल जाने के बाद जरूरी तो नहीं कि माल की क्वालिटी वही पुरानी वाली रखी जाए?

चलिए, ‘हेट स्टोरी 4कहानी की बात करते हैं। क्यों करें कहानी की बात? जब फिल्म बनाने वालों ने हमें एक ठीक-ठाक सी कहानी नहीं दी तो हम उसे समझने की जहमत क्यों उठाएं? एक्टिंग की बात करें? इस फिल्म के सभी प्रमुख कलाकारों की एक्टिंग ऐसी है जैसे एक आइने के सामने दूसरा आइना रख दिया गया हो। लगता है कि बहुत कुछ है, पर होता कुछ भी नहीं है।
 
कहानी के साथ-साथ इस फिल्म की स्क्रिप्ट भी पैदल है और डायरेक्शन भी। म्यूजिक चलताऊ है और बैकग्राउंड म्यूजिक कानफोड़ू। और जब आशिक बनाया आपने...का भी रीमिक्स बनने लगे तो समझ जाइए कि आप संगीत के नर्क में खड़े हैं। डायलाॅग ऐसे हैं जैसे गोलगप्पे के पानी में कोई देसी घी मिलाना चाह रहा हो। अरे यार, लंदन में रह रहे ऐसे लुच्ची मानसिकता वाले लोग इस तरह के गहरे डायलाॅग नहीं बोलते और ही हेट स्टोरीदेखने वाले दर्शक ऐसे डायलाॅग पचा पाते हैं।

दिल्ली में सड़क किनारे 20 रुपए के आठ मोमो बेचने वाले को पता होता है कि मेरे ठेले पर जो ग्राहक आएंगे उन्हें क्वालिटी नहीं बल्कि जीभ का चटखारा चाहिए। हेट स्टोरीबनाने वाले भी जानते हैं कि उनके मोमो में कितनी सड़ी चीजें हैं जिन्हें वो कामुकता की जायकेदार चटनी के साथ परोस रहे हैं। तो जाइए, सेंकिए आंखें, लीजिए मज़े...
रेटिंग-डेढ़ स्टार

(दीपक दुआ फिल्म समीक्षक व पत्रकार हैं। 1993 से फिल्म-पत्रकारिता में सक्रिय। मिजाज से घुमक्कड़। अपने ब्लॉग सिनेयात्रा डॉट कॉम (www.cineyatra.com) के अलावा विभिन्न समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, न्यूज पोर्टल आदि के लिए नियमित लिखने वाले दीपक रेडियो व टी.वी. से भी जुड़े हुए हैं।)

3 comments:

  1. Bahut sae...Hume kya apni sehat kharab karni hai jo sada momos khane jayen...

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